*अगर कुछ गड़बड़ नहीं है तो सौदा में शामिल कई किरदार मीडिया के सामने क्यों नहीं आते? सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी पर्दे के पीछे क्यों छिपे रहे*


*ये ख़बर बहुत बड़ी है या पंजाब नेशनल बैंक ने अपनी कंपनी के 4000 करोड़ के शेयर एक दूसरी कंपनी को दे दिए, ये खबर बड़ी है. या तीसरी ख़बर इन दोनों से भी बड़ी है कि भारतीय बैंकों को 5000 करोड़ से अधिक का चूना लगाकर भारत से भाग गए बड़ोदरा के कारोबारी संदेरसा ने तेल कंपनी बनाकर भारत की सरकारी कंपनियों को पांच हज़ार करोड़ का कच्चा तेल एक दूसरी कंपनी के ज़रिए बेच दिया*


https://youtu.be/ZJ2WZEnpFWk

*राम मंदिर मुकदमे में भी एक अंसारी थे, राम मंदिर जन्मभूमि घोटाले में भी एक अंसारी हैं. मुकदमे वाले अंसारी भले व्यक्ति थे. राम लला का आदर करते थे. घोटाले वाले अंसारी ने मंदिर बनाने वाले के साथ मिलकर राम की जन्मभूमि की खरीद बिक्री की और घोटाला किया. भाजपाई और RSS वाले भले ही मुसलमानों के खिलाफ घृणा अभियान चलाते हैं लेकिन मुसलमान अगर घोटाले में पार्टनर है तो चलेगा. इनके लिए मुसलमान भला है, अगर वह इनके घोटाले में इनका साथ दे.* 


*इससे हमें एक बार फिर से ये सीख मिलती है कि मंदिर के नाम पर तीस साल से नरक जोत रहे लोगों को मुसलमानों से कोई दिक्कत नहीं है. उन्होंने घोटाला करने में हिंदू मुस्लिम नहीं देखा. सुल्तान अंसारी के साथ मिलकर भगवान की जन्मभूमि और करोड़ों हिंदुओं की आस्था को बेचकर खा गए. इन कमबख्तों का मुस्लिम विरोध सिर्फ हिंदुओं को मूर्ख बनाने के लिए है.* 


*मैंने होश संभालने के बाद जो राय बनाई थी, वह आज तक कायम है. भारत के फर्जी हिन्दुत्व के ठेकेदारों ने मेरा ये यकीन कभी टूटने नहीं दिया कि भगवान उनके लिए सिर्फ सियासत का हथियार हैं. वे वोट और पैसे बटोरने के लिए भगवान के नाम का इस्तेमाल करते हैं.*

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