*आदिवासियों का नक्सलवाद/मावोवाद के नाम पर उत्पीड़न बन्द हो*
रात में एक आदिवासी युवती घर में सो रही होती है, रात के 11-12 बजे पुलिस आती है और उस लड़की को घर से घसीटते हुए जंगल ले जाती है, जहाँ उस आदिवासी लड़की के साथ बलात्कार होता है और फिर चाकू से उसके जांघ, हाथ, अंगुलियां, माथा के साथ-साथ एक स्तन को भी काट दिया जाता है। फिर उस आदिवासी युवती को गोली मर दी जाती है और फिर पुलिस बड़ी शान से बताती है कि माओवादियों के साथ मुठभेड़ में 2 लाख की इनामी माओवादी को ढेर कर दिया गया है।
आप जानते हैं ये कहाँ हुआ है? यह हमारे ही देश के छत्तीसगढ़ राज्य के बीजापुर जिला में हुआ है। जहाँ भाजपा की नहीं बल्कि कांग्रेस की सरकार है। वही कांग्रेस जिसके बड़े-बड़े वादे और दावे पर विश्वास कर छत्तीसगढ़ की जनता ने भाजपा के कुशासन से मुक्ति के लिए वोट दिया था और विशाल बहुमत से सत्ता सौंपी थी। जब बीजेपी की सरकार थी तब भी ऐसी कई घटनाए घटती हैं, चाहे भाजपा या फिर कांग्रेस की हो या किसी भी पार्टी की हो सभी सरकारों में सेना और पुलिसिया अत्याचार आम है। ऐसी ढेरों बलात्कार और अत्याचार आए दिन होते हैं ये तो एक बानगी भर है। पर मीडिया और सभ्य कहे जाने वाले हम आप अपनी आंखे मूंद लेते हैं।
घटना क्या थी उस दिन की। उस दिन छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के भैरमगढ़ तहसील के नीरम गांव की रहनेवाली पाईके वेको नाम की एक आदिवासी युवती अपनी माँ सुक्की वेको और पड़ोस के एक बच्चे मोहन के साथ अपने घर के आँगन में 30 मई, 2021 की रात को सो रही थी, रात के 11-12 बजे डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिज़र्व गार्ड) के गुंडों ने उनके घर को चारों तरफ से घेर लिया और फिर आँगन में घुसकर पाईके को पकड़ लिया। घर के जिस भी सदस्य ने पाईके को बचने की कोशिश की उसे उनलोगों ने पीटा। अंततः रोटी-चिल्लाती पाईके को उनकी माँ से अलग कर घसीटते हुए आँगन से बाहर खींच कर ले गए। पाईके के माँ और पिताजी ने उन्हे�
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