“ *बामसेफ* चलाना हमारा मकसद नहीं है | *बामसेफ* का अपना मकसद है..!

उद्देश(साध्य) को पुरा करने के लिए *बामसेफ*(साधन) को बनाया गया है | *बामसेफ* नाम के इस साधन का उपयोग हमें *गैर-बराबरी* की व्यवस्था को समाप्त करके *बराबरी की व्यवस्था* प्रस्थापित करने के लिए करना है |

बामसेफ व्यवस्था परिवर्तन के लिये 1978 से लगातार देश भर में प्रयास कर रहा है | पहले हमारे पास इतना बडा संगठन नहीं था, लेकिन अभी हमारा संगठन 31 राज्यों, 550 जिलोंं में फैल चुका है | हम जिस समाज के लोग है, उस समाज में हमारे बराबरी का कोई संगठन नहीं है इस आधार पर कह रहा हूँ की हम जिस शोषित और पिडित समाज के लोग है उस समाज में *बामसेफ* जितना विशाल संगठन सारे देश भर में नहीं है !

इसीलिए गली ,महोल्ले , जिल्हा लेवल पर जो संघटन फुले आंबेडकरी आंदोलन चला रहे है उनसे गुजारिश है अपना उद्देश प्राप्त करने के लिए बामसेफ जैसे विशाल संघटन का हिस्सा बने....!

अगर आपके पास राष्ट्रव्यापी संगठन है तब ही आप राष्ट्रव्यापी मुद्दों पर आंदोलन करने के काबिल है ,

वरना चिल्लाते रहिये किसी गली मोहल्ले में जिंदाबाद मुर्दाबाद , कुछ नहीं उखड़ेगा इस व्यवस्था का l

“सिर्फ भीड इकठ्ठा करना या हंगामा करना यह हमारा मकसद नहीं, हमारा मकसद है मुलनिवासी बहुजन समाज हमारे महापुरुषों के आंदोलन का नेतृत्व करें और मौजूदा असमानता/गैरबराबरी की व्यवस्था को बदलने के लिए अपनी सक्रीय भूमिका निभाएं।”

        


*"दोस्तों वक्त बहोत कम है पूरा जोर लगा दो, कुछ को मैं जगाता हु कुछ को आप जगा दो.."*


*जंगे मैदान मे बुलावा नही भेंजा जाता,जीसका खून खोलता है वो दौडा चला आता है*

🙏🏻 *जय भीम  जय मूलनिवासी*🙏🏻

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